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मंगलवार, 13 नवंबर 2012

मंद -मंद मुस्काते फूल


मंद -मंद मुस्काते  फूल
जीवन   को  महकाते फूल
गम सहने की शक्ति देते
कभी नहीं भरमाते फूल //

प्रभु  चरणों  का है यह दास  
कर  अर्पण हम  लागते आस  
है तितली की प्यारी यह 
वन-उपवन महकाते फूल //
मंद -मंद मुस्काते  फूल 

लग गेसुओं में यह 
पौरुष की बीन बजा देता 
सजती  है फूलों से  नारी  
कामदेव को ललचाते फूल //
मंद -मंद मुस्काते  फूल 

7 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया ...गम सहने की शक्ति देते कभी नहीं भरमाते फूल सही लिखा अपने भैया ....

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  2. लग गेसुओं में यह
    पौरुष की बीन बजा देता
    सजती है फूलों से नारी
    कामदेव को ललचाते फूल

    GAJAB KI BAATEN SANG BAHA LE JATI .

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  3. लग गेसुओं में यह
    पौरुष की बीन बजा देता
    सजती है फूलों से नारी
    कामदेव को ललचाते फूल //वाह ,,, बहुत खूब बबन जी,,,

    RECENT POST: दीपों का यह पर्व,,,

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  4. बहुत ही सुन्दर.प्यारी रचना..
    :-)

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