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गुरुवार, 23 अगस्त 2012

खिली प्यार की एक कली


खिली प्यार की एक कली
जब तुम आई दिल की गली //

मक्खन सी फिसलन तेरी बाँहों में
खिला कचनार तेरी अधरों में
उर से है, अब मकरंद टपकता
जवा हुई  अब उर की फली //
खिली प्यार की एक कली
जब तुम आई दिल की गली

चाँद भी धोखा खा जाएगा
सावन भी ठगा रह जाएगा
जो  देखे तेरा प्रचोदित यौवन
तुम्हें खोजता वह गली-गली //
 खिली प्यार की एक कली
जब तुम आई दिल की गली//

A blossoming bud of love
I heart you lane / /

Slippery butter in your arms
Bauhinia feeding of your lips
Ur, now dripping nectar
Now, ur Jwa pod / /
A blossoming bud of love
I heart you Alley

The moon will be betrayed
Sawan also will be duped
See that thy youth Prchodit
Finding you the street - street / /
  A blossoming bud of love
I heart you lane / /

4 टिप्‍पणियां:

  1. यार !तुम भी गजब करते हो ,यह उम्र और तबीयत खराब करते हो .ये पीनस्तनी कहाँ से लाते हों ,औरों को क्यों तड़पाते हो.
    कृपया यहाँ भी पधारें -
    "आतंकवादी धर्मनिरपेक्षता "-डॉ .वागीश मेहता ,डी .लिट .,/ http://kabirakhadabazarmein.blogspot.in/
    ram ram bhai/

    बृहस्पतिवार, 23 अगस्त 2012
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle
    Neck Pain And The Chiropractic Lifestyle

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  2. आपके लेखन और चित्र चयन का मैं कायल हो गया , चित्र लाजवाब है किन्तु परिवार के साथ रचना को पढ़ते हुए बेटी से चर्चा योग्य है क्या ? विचार कर देखेंगे ?

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  3. Pandey ji ye chitra kahan se le ke aate ho. kabita men to kuch khas nahi hai lekin chitra ka accha khasa bhandar hai aapk blog mein.

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  4. किसी वस्तु को कैसे देखे यह आप पर निर्भर करता है

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