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मंगलवार, 25 जून 2013

औरत होने का मतलब

रोज मरती हूँ ...
प्रसव के दौरान ..
बलात्कार के दौरान
फेक दी जाती है शराब
मेरे चेहरे पर
कभी फांसी पर लटक जाने को
कर दी जाती हूँ मजबूर ...
कम से कम
 गर्भ  में मत मारो मुझे ...//

रोज पिट जाती हूँ
जब पूछ बैठती  हूँ
क्यों पी लेते हो रोज ?
इसलिए भी पिट जाती हूँ
खराब हालतों में मैंने
नहीं खेलने दिया अपने शारीर से ...

क्या औरत होने का मतलब
पीटना/मरना ही लिखा  है
अब मैं लडूंगी ..
दुर्गा/काली बनकर
फिर मत कहना ..
तुमने ऐसा क्यों किया ? 

7 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 27/06/2013 को चर्चा मंच पर होगा
    कृपया पधारें
    धन्यवाद

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  2. क्या औरत होने का मतलब
    पीटना/मरना ही लिखा है
    अब मैं लडूंगी ..
    दुर्गा/काली बनकर
    फिर मत कहना ..
    तुमने ऐसा क्यों किया ?
    नारी का त्याग किसी पुरुष्कार का मोहताज़ है?
    और सहनशीलता कायरता किसने कहा?

    उत्तर देंहटाएं
  3. abhi bhi isa sahas ke lie kai dashak lag jaayenge kyonki nari ke durga aur kali banane se purv hi usako khatm kar diya jata hai ek gumnam tareeke se chahe garbh men , chahe honour killing ke naam par aatmhatya darsha kar ya phir hatya kar. usaki aavaj ko sunane kee kshamata jab ye samaj arjit kar lega to usaka svaroop kuchh aur hi hoga.

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  4. ये साहस जगाना होगा नारी को ... आगे आना होगा ...

    उत्तर देंहटाएं
  5. ... बेहद प्रभावशाली अभिव्यक्ति है ।

    उत्तर देंहटाएं

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