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रविवार, 24 मार्च 2013

जब भी तेरी याद आए


सुबह देखता हूँ, शाम देखता हूँ
जब भी तेरी याद आए,चाँद देखता हूँ 

हर आहट पर तेरी , आती है खुशबू
हर फूलों पर, तेरा नाम देखता हूँ 

उलझी हुई है ,तेरे काले-काले गेसू
काले बादलों पर तेरा नाम देखता हूँ ...
                                                                                                                                                                                                              

11 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति,आभार.

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  2. राजेंद्र जी... आपका आभार.

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  3. बहुत उम्दा सुंदर रचना,,,
    होली की हार्दिक शुभकामनायें!
    Recent post: रंगों के दोहे ,

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  4. हर आहट पर तेरी , आती है खुशबू
    हर फूलों पर, तेरा नाम देखता हूँ

    आपने पूरा प्यार उड़ेल दिया

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  5. आपकी यह प्रवृष्टि आज दिनांक 25-03-2013 को सोमवारीय चर्चामंच-1194 पर लिंक की गयी है। सादर सूचनार्थ

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  6. वाह भाई पाण्डेय जी ......अच्छी गजल पर बधाई

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  7. होली की हार्दिक शुभकामनायें...

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  8. बेहतरीन प्रस्तुति सुंदर सहज सार्थक रचना
    बहुत बहुत बधाई

    आग्रह है मेरे ब्लॉग में भी सम्मलित हों
    मुझे ख़ुशी होगी

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  9. बहुत ही बेहतरीन , सुंदर सहज सार्थक रचना .... लेखनी चलती रहे भईया !! सादर !!

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