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शनिवार, 22 अक्तूबर 2011

दोष किसका है


नावों के डूबने में ,क्या दोष है पतवारों का
चमन को लुटने में , क्या दोष है खारों का //

बढ़ाते हैं , हम और आप इस दुनिया को
महगाई बढ़ने में ,क्या दोष है बाज़ारों का /

बेवज़ह तान तेदे हैं बंदूकें एक दुसरे पर
क़त्ल हो जाए तो,क्या दोष हैं तलवारों का //

तुम शिकायत लेकर कहाँ जाओगे ,बबन !
जब नल ही दूटा हो, क्या दोष है फब्बारों का //

12 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी यह सुन्दर प्रस्तुति कल सोमवार दिनांक 24-10-2011 को चर्चामंच http://charchamanch.blogspot.com/ की भी शोभा बनी है। सूचनार्थ

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  2. तुम शिकायत लेकर कहाँ जाओगे ,बबन !
    जब नल ही दूटा हो, क्या दोष है फब्बारों का //
    waah... Babanji sahi kaha hai aapne... Very Nice...

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  3. बबन जी, क्या दोष है तलवारो का,दोस् तो अपना है बेहतरीन रचना,सुंदर पोस्ट...बधाई

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए.....

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  4. बेहतरीन रचना..........

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए !!!

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  5. तुम शिकायत लेकर कहाँ जाओगे ,बबन !
    जब नल ही दूटा हो, क्या दोष है फब्बारों का //

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाए.

    उत्तर देंहटाएं

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