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शुक्रवार, 22 नवंबर 2013

अगर रूपये पेड़ों में फलते

काश!
अगर नोट यानि रूपये
पेड़ों में फलते
तब
जब  पेड़ों में पानी
 मीठी बोली की देनी  होती //

काश !
पेड़ परोपकार की भाषा समझते
और
परोपकार  करने वालों के
पेड़ में ही रूपये फलते //

3 टिप्‍पणियां:

  1. तब जो प्रगति होती वो वास्तविक रूप से अध्यात्मिक होती...

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  2. जी और लालची लोगो की नहीं चलती

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  3. कल 29/11/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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