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शनिवार, 5 फ़रवरी 2011

लड़की उवाच


लड़की उबाच .....
प्रिय ! तुम व्यर्थ में चिंतित हो
क्या कर लेंगीं
सूर्य की पराबैगनी किरणें
मेरे गोरे वदन को
क्रीम और लोशन किसलिए है //

बहुत दिनों तक
नारी सावत्री बनी रही
कपड़ों से ढंकी रही
विटामिन डी की कमी से
हड्डियां कमजोर हो गयी //

अब नया ज़माना आया है
रोम-रोम में
वासंती वयार बहने दो
भागमभाग में थोडा सा ही सही
काम का खुमार तो जागने दो //

अब खुले वदन पर
बेख़ौफ़ पड़ती है सूर्य किरणे
मुझे मिलती है विटामिन डी
और कवियों को मिलती है
सौन्दर्य की लड़ी //

39 टिप्‍पणियां:

  1. नवयुग का नया गीत!

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  2. कुछ तो स्वास्थ्यवर्धक सोच पैदा हुई... आपने बबन जी एक अच्छा नुस्खा दिया है.. विटामिन डी की खातिर अब कंही ये नज़ारा आम ना हो जाये..

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  3. मजा आ गया...!
    अति सुंदर रचना...!!

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  4. "ला-जवाब" जबर्दस्त!!
    शब्दों को चुन-चुन कर तराशा है आपने ...प्रशंसनीय रचना।

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  5. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (7/2/2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
    http://charchamanch.uchcharan.com

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  6. " ये खुली-खुली सी जुल्फें,ये उड़े-उड़े से गेसू,
    तेरी सुबहा कह रही है तेरे रात का फ़साना "
    भाई बब्बन जी,विटामिन "D"तो फ़क़त बहाना?
    सुन्दर वर्णन के लिए शुक्रिया,<>शुभकामना.

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  7. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  8. अब खुले वदन पर
    बेख़ौफ़ पड़ती है सूर्य किरणे
    मुझे मिलती है विटामिन डी
    और कवियों को मिलती है
    सौन्दर्य की लड़ी // Yekdum durust, baban ji [BK Amatya]

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  9. कवि तो हर युग में खुराक पाते रहे हैं, पर आज की नारियों की हड्डियां ज़रूर मज़बूत हुई हैं, और वो समाज के शोषण के विर्रुद्ध उठकर खड़ी हो रहीं हैं।

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  10. बबन जी ..........बहुत खूब...........अंग प्रदर्शन करने और देखने के लिए लोगो को एक बहाना दे दिया.............वाह.........

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    उत्तर
    1. सच कहा नरेश जी .... चित्र के बहाने खूब टिप्पणियाँ भी .....सेक्सी विषय जो ठहरा सबका मनचाहा ...

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  11. Baban jee maan gaye kya chun ke vishay talasha hai aapnein... Waah... :))

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  12. उत्तर
    1. आपको विटामिन डी की नहीं ई की आवश्यकता है....

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  13. bahut sunder shabdo ka istemaal badi khoobsurti se kiya hai....bhai

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  14. आज के सामाजिक परिद्रिस्य पर सटीक टिपण्णी ....

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  15. वाह ... बहुत सुन्दर मन को भावुक कर दिया आभार / शुभ कामनाएं

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  16. बहुत सुन्दर | आपकी हर पोस्ट पढ़ कर बहुत अच्छा लगा |
    आप मेरे ब्लॉग पे भी आइये आपको अपने पसंद की कुछ रचनाये मिलेंगी
    दिनेश पारीक
    http://vangaydinesh.blogspot.com/

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  17. रोचक, अलग तरह की अभिव्‍यक्ति.

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  18. हाँ नैन सुख के साथ लव हारमोन भी मिलता है प्राण प्रिय

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  19. वाह....बहुत गंभीर कटाक्ष....बड़े प्यारे ढंग से....!!

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  20. पश्चिम् परस्तों को एक नया बहाना थमा दिया आपने .... अब जाने कहाँ - कहाँ से विटामिन 'डी' तापने की वकालत होगी ...
    'वेहतरीन रचना ,

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  21. अधिक विटामिन डी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है :)

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