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मंगलवार, 9 नवंबर 2010

हर दम्पति किसान बने

करना होता है साफ़
खर-पतवार
किसानों को
फसलों के बीच से ॥
देना होता है
नियत समय पर पानी
तब जाकर देती है फसलें
एक अच्छी उपज ॥

मित्रों .....
हर दम्पति को
बनाना होगा किसान
एक स्वस्थ नागरिक की पौध
तैयार करने के लिए ॥

9 टिप्‍पणियां:

  1. Aapne akshrasha satya kaha hai Baban ji! Jis tarah kisan apni fasal ka santan ki tarah dekh rekh karta hai, usi tarah ek mata pita ko bhi apne bacchon ko aise sanskar dene honge jis par pure Bharat ko garv ho aur unke bute par Hind sansaar ke agrani deshon mein shumaar ho! Har dampati apni santaan ki parvarish kare jisse we swasth naagrik ke swaroop mein dhal jaayen!

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  2. एक स्व्स्थ नागरिक की पौध.”” एक संस्कारित सोच है यह..हम अपने संस्कार और जीवन मूल्यों को खोते जा रहे है..बबनजी के इस संस्कारवान सोच को नमन..

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  3. बबन जी, क्या तुलना की आपने किसान की दम्पति से,अतुलनीय ........१०० फीसदी सत्य है की हर माँ -बाप को अपने बच्चे के चरित्र को सँवारने की जम्मेदारी पूरी तरह से उठानी होगी , अगर उन्हें देश को आगे बढ़ाना है तो .

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  4. Bahut hi sateek baat kahi hai Baban ji aapne, her dampati ko banna hoga Kisaan ek swasth Nagrik ki paudh taiyaar karne ke liye.........

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  5. bilkul sahi .....mata-pita hi bachche ke nirmata hain ....

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  6. बहुत सही बबन जी............अगर माता-पिता बचपन में ही...........बच्चो में से खर-पतवार रुपी बुरे ख्यालो को उखाड फेंके तो शर्तिया अच्छी स्वस्थ नागरिक पौध तैयार होगी..........

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  7. BAHUT HI SUNDAR AUR SARAL SHABDON MEN ITANI BADI SIKHALAI!! YEH TO EK KAVI KA HRIDAY HI PRAGAT KAR SAKATA HAI.AYEN HAM KISSAN BANE....

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