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सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

उफ़ ! ये शहर है ....


हाई-अलर्ट है पूरे शहर में
धारा १४४ लगी है
बच्चे इसका मतलब पूछते है..
क्या बताऊँ उन्हें
कसाब के  बाद अफजल को फांसी 
पत्नी कहती है 
आज बाहर मत जाइये //

रातों को नींद नहीं 
जबसे सुना है..
पाकिस्तान ने बना लिया है
२००० किलो मीटर तक मार मार  वाले मिसाइल 
उपर से रोज-रोज
लश्कर-ए=तैयवा और अलकायदा की धमकी 
बाबरी मस्जिद की बरखी 
26/10 , 9/11 है सो अलग...!
उफ़ ! ये शहर है  या
खौफ का समदर//

बुधवार, 30 जनवरी 2013

"फ़ास्ट लाइफ़ "


एक युवा /दुसरे को
"फ़ास्ट लाइफ़ " के तरीके बता रहा था
धक्का दो ...
सारी कह आगे बढ़ जाओ
अतिथियों का स्वागत
मुस्कुरा कर करोगे ना
तो तेरे घर में ....
लम्बी लाइन लग जायेगी यार!
मुस्कुराओ तब...
जब सामने वाले से बात चले
कुछ बिजनेस की
और सुनो !
कानून से मत डरो
उसमे बहुत छेद है ...

सुनते ही मैंने कहा
आपकी बातें
इंसान को हैवान बनाने वाली है
मेरी गाल पर एक थप्पड़ मारा उसने
कहा !
चुप शाले ! तू सठिया गया है .

गुरुवार, 24 जनवरी 2013

अजनबी


पता नहीं ...
किसी  को अजनबी हम क्यों कहते है ..
शुरू में तो सब अजनबी ही रहते हैं ..
आदमी ही नहीं ..
वो भी
जिसे हम ईश्वर कहते है ..
आइए...
अजनबियों से दोस्ती का हाथ  बढ़ाये
शायद वे ...
प्रभु के दुसरे रूप हों

बुधवार, 2 जनवरी 2013

आँख-मिचौली


आओ !
वक़्त के सुराही से
 सुख के कुछ पल उढ़ेल लें
वैसे तो ...
हर घर के टेबल पर रखे
गिलास में
दुःख का पानी भरा है //

मंगलवार, 25 दिसंबर 2012

प्रेम मुहाबरे


केश तुम्हारे काले-काले , नैन तुम्हारे बाबरे
तुम्हें देख मैं गढ़ लेता हूँ , रोज प्रेम मुहाबरे//


क्या चकोर की पिहू-पिहू , क्या कोयलिया की कुहू-कुहू
लव हिले तो फुट पड़ते हैं , हंसी के सौ-सौ फब्बारे //

रविवार, 25 नवंबर 2012

जाड़े की धूप हो तुम //




दोस्तों के ईदगाह हो तुम
मेरे ख्यालों के चारागाह हो तुम
उर्वशी की रूप हो तुम
जाड़े की धूप हो तुम //

नाजो -शोख में पली हो
माचिस की तिली हो
क्यों ओस सी चुप हो तुम
जाड़े को धूप हो तुम

मंगलवार, 13 नवंबर 2012

मंद -मंद मुस्काते फूल


मंद -मंद मुस्काते  फूल
जीवन   को  महकाते फूल
गम सहने की शक्ति देते
कभी नहीं भरमाते फूल //

प्रभु  चरणों  का है यह दास  
कर  अर्पण हम  लागते आस  
है तितली की प्यारी यह 
वन-उपवन महकाते फूल //
मंद -मंद मुस्काते  फूल 

लग गेसुओं में यह 
पौरुष की बीन बजा देता 
सजती  है फूलों से  नारी  
कामदेव को ललचाते फूल //
मंद -मंद मुस्काते  फूल 

मेरे बारे में