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बुधवार, 12 सितंबर 2012

म तिमी लाइ माया गरछू

नेपाल की लडकियां  बड़ी मस्त होती हैं साब ! कहते हुए उस लड़की ने बड़े प्यार से वीयर भरा ग्लास मेरी और बढ़ाया . किसी लड़की के हाथों वीयर पीने का यह मेरा पहला अनुभव था . वीयर को और अधिक स्वादिष्ट बनाने के लिए मेरे सामने टेल हुए मछलियों के कुछ टुकड़े  भी थे . उस लड़की से कुछ और बाते कर पाटा उससे पहले ही वह उठ कर चली गयी शायद और ग्रहाक आ गए थे.
मैं गंडक बराज के नेपाल वाले छोर पर शाम को घुमने आया था . इस छोर पर १५-२० दुकाने है जो सब अस्थाई रूप से बनी हैं . किसी का छत तिन की है तो किसी के पुआल  और खपड़े के .

सब दुकानों के आगे नेपाली महिलायें ही आपका स्वागत मुस्कुराकर  करती है और अगर आप ज़रा भी पीने से वास्ता रखेते हैं , तो बिना इन दुकानों में घुसे बिना नहीं रह सकते
बराज पर पुल होने के कारण नेपाली लोगों का भारतीय क्षत्र में और भारतीय लोगो का नेपाल में लगातार आना-जाना बना रहता है . पुल के प्रवेश द्वार पर सीमा-सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं जो आपके द्वारा ले जाई जा रही समानों की जांच करते है
थोड़ी देर बाद वह लड़की पुनः  लौटी  वीयर से खली हुए ग्लास में फिर से वीयर  भर दी . "तुम्हारा नाम क्या है".. मेरे पूछते ही वह मुस्कुराते हुए बोली - विष्णु .  
उम्र करीब २८ वर्ष, की होगी गठा शारीर और उन्नत उरोज ,हलके रंग की लिपस्टिक भी लगाईं थी उसने अपने अधरों पर .  कसी समीज-सलवार में वह पुरे यौवन में दिख रही थी . शायद उसने यह श्रींगार ग्राहकों को लुभाने के मकसद से की होगी // मुझे लगा प्रकृति नेपाल पर मेहरबान है एक  ओर जहां नेपाल में प्राकृतिक दृश्यों की भरमार है ,वही दूसरी और मानव को बनाने वाला इश्वर ने भी नेपाली लड़कियों में जीभरकर सुन्दरता का लेप चढ़ा दिया है

.मुश्किल से उसकी वीयर  की दूकान 25 x 15 फिट  माप की होगी . एक छोटे से कमरे में वह रहती थी . एक फ्रिद्गे था जिसमे वीयर और कोल्ड ड्रिंक की बोतलें ठंढी हो रही थी . एक कोने में गैस और चूल्हा, जिस पर मछलियों को फ्राय कर ग्राहकों को परोषा जाता था
"सूर्य अस्त-नेपाल मस्त " गलत नहीं कहते थे मेरे ऑफिस के लोग . लगता है यहाँ सब लोग अपनी अपनी हैसीयत के मुताबिक़ जरुर पीते हैं

ये मछलियाँ कहाँ से लाती हो - पूछने पर विष्णु ने बताया कि ये सभी मछलियाँ गंडक नदी की है , जो सुबह=सुबह बराज पर भरी मात्र में मिलती हैं . कुछ भारतीय लोग यहाँ से मछलियाँ खरीद कर काठमांडू ले जाते है जहां यह दुगुने या तिगुने   भाव में बिकती हैं /

जाति  पूछने पर विष्णु अपने को उपाध्याय ब्रह्मिण बताती   है मेरे यह कहने पर कि मेरा नाम विनोद पाण्डेय है और भी ब्राह्मण हूँ , वह अपने बारे में बताने लगी . वह पांच बहनें है . उसके पिताजी अब वृद्ध हो चुके हैं ,मगर अपनी जवानी में वे नेपाली कांग्रेस के सक्रिय सदस्य थे . थोड़ी सी खेती-बारी से उनका घर चलता था . मुझे आश्चर्य हुआ कि विष्णु कि सभी बहनें दूकान खोलकर वीयर परोसती  हैं

विष्णु  की मुस्कुराहट से या उसकी अदा से , मैं उसके प्रति आकर्षित हो चला था . कम से कम सप्ताह में एक बार उसके हाथों से वीयर पी लेने में बड़ा सकून महसूस होता था .

एक दिन मैंने विष्णु की दूकान पर एक और बहुत ही खुबसुरत और यौवन से लबरेज कमसिन लड़की को वीयर परोसते देखा . न चाहते हुए भी मैं उसके दूकान में घुस गया और विष्णु से पूछा - यह नै लड़की कौन है ?

मेरी छोटीबहन   है .."माया" कल ही कुवैत से लौटी है , आइये ना , बातें कीजिये मैं विष्णु के निजी कमरे में बैठकर माया से गप्प करने लगा .
माया .. मानों उसके शरीर का मांस दूध से बना था और होटों पर हलकी लाली यह आभास करा रही थी मानों दूध से भरे बर्तन के बीच एक लाल गुलाब रख दिया गया हो .//

माया ने बताया कि वह आठवी तक पढ़ी है मगर अंग्रेजी  नही जानती. ' मैं तुम्हें प्यार करता हूँ ' का नेपाली में अनुवाद क्या होगा - मैंने पूछा
'म तिमी लाइ माया गरछू " कह वह मुस्कुराने लगी
माया के पति ड्राईवर हैं और तीन वर्षों से अर्ब में हैं . यदा-कदा कुछ पैसा भेज देते हैं , माया यहाँ नितांत अकेली थी और  विष्णु के पास ही रहती थी





   

गुरुवार, 23 अगस्त 2012

खिली प्यार की एक कली


खिली प्यार की एक कली
जब तुम आई दिल की गली //

मक्खन सी फिसलन तेरी बाँहों में
खिला कचनार तेरी अधरों में
उर से है, अब मकरंद टपकता
जवा हुई  अब उर की फली //
खिली प्यार की एक कली
जब तुम आई दिल की गली

चाँद भी धोखा खा जाएगा
सावन भी ठगा रह जाएगा
जो  देखे तेरा प्रचोदित यौवन
तुम्हें खोजता वह गली-गली //
 खिली प्यार की एक कली
जब तुम आई दिल की गली//

A blossoming bud of love
I heart you lane / /

Slippery butter in your arms
Bauhinia feeding of your lips
Ur, now dripping nectar
Now, ur Jwa pod / /
A blossoming bud of love
I heart you Alley

The moon will be betrayed
Sawan also will be duped
See that thy youth Prchodit
Finding you the street - street / /
  A blossoming bud of love
I heart you lane / /

रविवार, 5 अगस्त 2012

मुझे रश्क है ..

मुझे रश्क है ..
आपकी आँखों से
जिसने चुम्बकित कर
मुझे आलिगन  को मजबूर किया //

मुझे रश्क है
हरी दूबों पर टिकी
सुबह की उन ओसों से
जो आपके परों को धो देती है //

और सुनिए ...
मुझे रश्क है
इन हवाओं से भी
जो आपकी जुल्फों से आलंगित हैं

मंगलवार, 10 जुलाई 2012

मुस्कुराहटों की किताब

आपके  गुलाबी  लवों  में बड़ा  दम है
हंसती कलियाँ भी,इनके आगे कम हैं //

 आपकी सुरीली अंखियों की क्या बात है
इनके आगे ,मयखाने की क्या औकात है //

आपकी मुस्कुराहटों पर लिख रहा हूँ किताब
परेशान हूँ   मैं  , पन्ने लग रहे हैं बे-हिसाब //

आपके उर के फ़राख की चर्चा है महफिल में
थक जाते है मांगते-मांगते नाशाद दिल वाले //

(उर के फ़राख = हृदय की विशालता
नाशाद = बदनसीब )

सोमवार, 18 जून 2012

ओ मेघ ! तू बरस

ओ मेघ ! तू  बरस
घनघोर बरस
तू उनके लिए  बरस
जिनके कुएं
सरकारी पन्नों पर बने हैं //

ओ मेघ ! तू बरस
घनघोर बरस
फाड़  दे
जनता के कान पर जमे
भाषणों और अश्वाश्नों की काई को //

ओ मेघ ! तू बरस
घनघोर बरस
इतना बरस
टूट जाए तटबंध नदियों की
खोल दे पोल
इन्जिनीर और ठ्केदार के मिलीभगत की //

रविवार, 10 जून 2012

गरजो बादल , बरसो बादल

गरजो बादल , बरसो बादल
सूख गई आँगन की तुलसी
और सूख गई माँ की  आंचल
गरजो बादल , बरसो बादल //

सूख गए है खेत और नदियाँ
सूख गई तरुवर की कलियाँ
सूख गई अधरों की लाली 
सूख गई आँखों का काजल  
गरजो बादल , बरसो बादल //

सूख गया कुयाँ का  पानी
रूठ गई झरनों की वाणी
रूठ गए हैं सारे बुल-बुल
रूठ गई गोरी का पायल
गरजो बादल , बरसो बादल //


सोमवार, 4 जून 2012

आक्सीजन

मुझे नहीं पता था 
पेड़ लगाने का मतलब
पर जब .....
चिड़ियाँ ने पेड़ पर घोसले बनाये
अंडे फूटे
और जब मैंने सुना
अण्डों से निकली बच्चों की चपर-चपर
तब लगा
पेड़ सिर्फ आक्सीजन ही नहीं देते /

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