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सोमवार, 13 दिसंबर 2010

मित्र वार्तालाप

//................(१)....................//
पहले तुम ईद के चाँद थे
फेसबुक ज्वाइन करने के बाद
मेरे दोस्त ... अब तुम
गूलर के फुल हो गए हो //

//...............(२)......................//

गर्ल फ्रेंड से शादी के पहले
तुम कटे -कटे से रहते थे
शादी के बाद
अब मरे -मरे से रहते हो //

//................(३)...............//

अब आपसे बाते क्या
हम आपके दीदार को भी तरसें
आँचल का प्यार मिले तो कैसे
टाईट जींस भाभी ने जो पहने //

19 टिप्‍पणियां:

  1. गूलर के फुल हो गए हो..........???

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  2. जिन्दा रहना है तो arrange marriage करो, कम से कम मरना नहि पडेगा !

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  3. kya baat hai. ajay ji marna to har haal me padega chahe arrange marrige karo ya love marrige karo.

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  4. ha ha ha ha ........

    kya baban ji,- "पहले तुम ईद के चाँद थे
    फेसबुक ज्वाइन करने के बाद
    मेरे दोस्त ... अब तुम
    गूलर के फुल हो गए हो|"
    ye bat apne aap par kahin likhe to nahi hain?

    aur aap posetiv vicharon ke kavita likhen, ye 'kate' , 'mare', negative things ko nikal dijiye,
    are bhai marna to ek din sabko hai, ye soch kar apna aaj kyon kharab karen.

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  5. hahahaha..........bahut khoob baban ji, thx 4 sharing...............:))

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  6. Hahahaha... technology n modernity... deadly combination :D

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  7. Babanji, It's true, ppl. are more involved in gadgets these days and hence left with less time for friends............a balance in life is very essential.

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  8. पहले तुम ईद के चाँद थे
    फेसबुक ज्वाइन करने के बाद
    मेरे दोस्त ... अब तुम
    गूलर के फुल हो गए हो

    बहुत हि सुन्दर रचना है, हास्य के साथ साथ दोस्तों से दूर होने का दर्द ब्यान करने के लिए आपने बहुत हि सुन्दर और सामयिक कहावतों और आम प्रचलित कहावतों का प्रयोग बहुत हि अच्छा लगा|
    सादर नमस्कार

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  9. हास्य-व्यंग्य युक्त मज़ेदार वार्तालाप .....: )

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