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गुरुवार, 30 दिसंबर 2010

रेत और रिश्ते


घंटों लगे थे
रेत का भी घर बनाने में
हवा का एक झोंका आया
टूट गया रेत का घर //

एक बिजली सी कौंधी
मेरे दिल में
रिश्ते बनाने में भी लगते है सालों
मगर टूट जाते है
शीशे की तरह
मात्र कुछ मीठे बोल न बोलने से //

रिश्ते और रेत का अर्थ
मैं समझ गया हूँ ..//

25 टिप्‍पणियां:

  1. रिश्ते और रेत का अर्थ
    मैं समझ गया हूँ ..//

    अच्छा है समझ गये वरना तो इन्सान की ज़िन्दगी गुज़र जाती है मगर यही बात नही समझ पाता…………बेहद गहन प्रस्तुति।

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  2. bohot khub ... per zindagi rait ki tarah aasan nahi hoti ki use rait ke tile tarah phir bana liya jaye...

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  3. बहुत ही सुंदर...रेत से रिश्ते होते हि है..

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  4. कम शब्दों में बड़ी और गहरी बात...
    नववर्ष आपके और आपके सभी अपनों के लिए खुशियाँ और शान्ति लेकर आये ऐसी कामना है.
    मैं नए वर्ष में कोई संकल्प नहीं लूंगा

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  5. Baban ji sahi kaha aapne rishte banane me umar beet jaati hai, aur hamari ek nakaratmak soch v hamare bol do minute me unhe dhaha dete hai, theek usi tarah jis tarah ret ko jitna ham mutti me pakadne ki koshish karte hai, vo unglio me se phisal jaati hai, aur khali hath rah jaate hai, ek khoobsurat soch.............:))

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  6. hum ne apse sikh liya ki,jis riste me mithi bol na ho us riste ka nib kamjor hota hai, dhanyabaad sir ati sudar aur prernadayi hai.

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  7. रिश्ते और रेत का अर्थ
    मैं समझ गया हूँ ..//

    रेत के बने घर और रिश्ते दोनों ही नाज़ुक होते हैं..बहुत सुन्दर.नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं !

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  8. बहुत ही गहन विचार झलकते हैं इस कविता में..
    नए साल की ढेर सारी शुभकामनाएं...

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  9. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति ! एक बार फिर से नए साल की ढेरों शुभकामनाएं....

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  10. रेत से घर बनाना तो सुना था रेत से रिश्ता बनाना आपने बता दिया, अच्छी अभिव्यक्ति , बधाई व नववर्ष की आपको और आपके ब्लाग के सारे साथियों को शुभकामनायें।

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  11. आप को सपरिवार नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं .

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  12. थोड़ी सी सीमेंट मिला ली जाए भावनाओं की उचित अनुपात में तो शायद रिश्ते ना ढ्हें।नया साल मुबारक।

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  13. रिश्ते और रेत का अर्थ
    मैं समझ गया हूँ ..//

    very nice!

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  14. बेहद गहन प्रस्तुति। नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं|

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  15. कम शब्दों में बड़ी और गहरी बात.………बेहद गहन प्रस्तुति।
    नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं
    Dhananajay

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  16. विचारों से ओत-प्रोत सुन्दर रचना!
    नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएँ!

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  17. गहन भावों की खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.

    अनगिन आशीषों के आलोकवृ्त में
    तय हो सफ़र इस नए बरस का
    प्रभु के अनुग्रह के परिमल से
    सुवासित हो हर पल जीवन का
    मंगलमय कल्याणकारी नव वर्ष
    करे आशीष वृ्ष्टि सुख समृद्धि
    शांति उल्लास की
    आप पर और आपके प्रियजनो पर.

    आप को सपरिवार नव वर्ष २०११ की ढेरों शुभकामनाएं.
    सादर,
    डोरोथी.

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  18. बहुत अच्छी प्रस्तुति। नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं!

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  19. नये साल के उपलक्ष्य मे बेहतरीन रचना
    आपको नव वर्ष की हृार्दिक शुभकामनाये

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  20. सुन्दर प्रस्तुति। किसी भी चीज को सवारने में कितने वक्त गुजर जाते है पर टुटने मे कोई वक्त नहीं लगता।

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  21. बबन जी,
    आधुनिकता और आगे बढ़ने की आपाधापी तेजी से दरकते मानवीय मूल्य और संबंधो मे घुलती कड़वाहट ने रिश्तोँ को रेत क्या त्रसरेणु बना दिया है। एक बेहतरीन प्रस्तुति, धन्यवाद

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  22. नमस्कार भाई आप एक गहन प्रस्तुति की है

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  23. कम शब्दों में बड़ी और गहरी बात.…

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