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रविवार, 27 जून 2010

हल निकालने के बेढब तरीके

अपने देश
भारत में .......
जूते पहनने वाले
नंगे पैरों का दर्द सुनाते है ॥

अंगूठा छाप मंत्री
शिक्छा का अलख जागते है ॥

जिनके नौ - दस बच्चे है
परिवार नियोजन का पाठ पढ़ते है ॥

जिन्होनें जंगल साफ़ कर दिए
वही वृक्छारोपन कार्य चलाते है ॥

दिखाते है जो कानून को ठेंगा
वही नया कानून बनाते है ॥

जो पैसे लेते ,चोर से खुद
फिर कैसे चोर पकड़ ले आते है ॥

ऐ ० सी० में रहने वाले
गर्मी की कथा सुनाते है ॥

मेरी समाज में तो नहीं आया
जग की उलटी रित
शायद ,समझ में आ जाएगा
जब कर लुगा उनसे प्रीत ॥

1 टिप्पणी:

  1. खुद भ्रस्टाचार में डूबे रहते , ओरों को सिखाते नीति,
    भीगी बिल्ली बन जाते, जब इनके उपर बीति.

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